सूर्य अष्टकम मंत्र(Surya Ashtakam Mantra)

Surya Ashtakam Mantra

सूर्य अष्टकम मंत्र (Surya Ashtakam Mantra) भगवान सूर्य देवता को समर्पित मंत्र है। सूर्य देवता का स्थान सभी देवताओं से ऊपर है। सूर्य देवता को प्रातः काल एवं संध्या काल में अर्घ्य दिया जाता है, इस दौरान सूर्य देवता को प्रणाम करते हुए सूर्य अष्टकम मंत्र (Surya Ashtakam Mantra) का उपयोग किया जाना चाहिए, इससे … Read more

श्री तुलसी स्तुति (Shri Tulsi Stuti)

Shri Tulsi Stuti

श्री तुलसी स्तुति (Shri Tulsi Stuti) माता तुलसी को समर्पित स्तुति है। तुलसी में माता लक्ष्मी का वास होता है, जिसके कारण इन्हे तुलसी माता कहा जाता है। प्रतिदिन घर में पूजा के दौरान तुलसी के पौधे में माता तुलसी की स्तुति किया जाना चाहिए, ऐसा करने से माँ लक्ष्मी और भगवान विष्णु अत्यधिक प्रसन्न … Read more

महालक्ष्मी स्तोत्र (Lakshmi Stotram)

Lakshmi Stotram

महालक्ष्मी स्तोत्र (Lakshmi Stotram) माता लक्ष्मी को समर्पित भक्ति स्तोत्र है, जिसकी रचना स्वयं देवराज इंद्र के द्वारा की गयी है। इस स्तोत्र के जाप से माता लक्ष्मी अत्यधिक प्रसन्न होती है और अपने भक्त को अपार धन-संपत्ति प्रदान करती है। इस स्तोत्र के जाप करने का कोई विशेष समय व दिवस नहीं है, इसे … Read more

श्री लक्ष्मी सहस्र नामावलिः (Lakshmi Sahastra Namavali)

Lakshmi Sahastra Namavali

श्री लक्ष्मी सहस्र नामावलिः (Lakshmi Sahastra Namavali) माता लक्ष्मी के नाम मंत्र है, माता लक्ष्मी को उनके भक्तगण अनेको नाम से याद करते है, लेख में माता लक्ष्मी के सहस्र नाम मंत्र संस्कृत में बताया गया है। यह मंत्र मुख्यतः लक्ष्मी पूजा और अन्य धार्मिक उत्सव पूजा के दिन पाठ किया जाता है। माता लक्ष्मी … Read more

कमल नेत्र स्तोत्रम् (Kamal Netra Stotram)

Kamal Netra Stotram

कमल नेत्र स्तोत्रम् (Kamal Netra Stotram) भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित है, जो भी भक्त इस स्तोत्र का पाठ गुरुवार के दिन भगवान श्री हरि विष्णु के पूजा अर्चना के समय किया जाता है, तो प्रभु श्री हरी की विशेष कृपा प्राप्त होती है, उसके सभी कष्ट दूर हो जाते है और भगवान का … Read more

श्री तुलसी स्तोत्रम्‌ (Shri Tulsi Stotram)

Shri Tulsi Stotram

श्री तुलसी स्तोत्रम्‌ (Shri Tulsi Stotram) माँ तुलसी को समर्पित भक्ति स्तोत्र है। तुलसी माता, जिन्हें पूजनीयता से तुलसी वृंदावनी भी कहते हैं, एक प्रमुख पौधे की पूज्य अवतारिणी हैं जो विशेष धार्मिक महत्व रखती हैं। वैदिक साहित्य में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है और उन्हें भगवान विष्णु की प्रीता माना जाता है। तुलसी के पौधे … Read more

श्री शिव सहस्र नामावली (Shiv 1008 Sahastra Namavali)

Shiv 1008 Sahastra Namavali

श्री शिव सहस्र नामावली (Shiv 1008 Sahastra Namavali) भगवान श्री शिव के 1008 नाम मंत्र है, भगवान श्री शिवजी को उनके भ क्त अनेको नाम से याद करते है, लेख में भगवान श्री शिव के 1008 नाम मंत्र संस्कृत में बताया गया है। यह मंत्र मुख्यतः सोमवार, सत्संग समारोह, अन्य धार्मिक उत्सव और शिवरात्रि पूजा … Read more

अन्नपूर्णा स्तोत्रम् (Annapoorna Stotram)

Annapoorna Stotram

अन्नपूर्णा स्तोत्रम् (Annapoorna Stotram) माँ अन्नपूर्णा को समर्पित मंत्र है, इस मंत्र की रचना आदि गुरु शंकराचार्य ने की है। जो माँ अन्नपूर्णा की महिमा और आशीर्वाद के लिए पढ़ी जाती है। अन्नपूर्णा माता हिन्दू धर्म में भोजन की देवी के रूप में पूजी जाती है, और उन्हें जीवन के रोजमर्रा के भोजन का प्रतीक माना जाता … Read more

भैरवी वंदना (Bhairavi Vandana)

Bhairavi Vandana

भैरवी वंदना (Bhairavi Vandana) माँ भैरवी को समर्पित शक्तिशाली मंत्र है। इस मंत्र का पाठ भक्तों द्वारा माँ भैरवी को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस मंत्र का पाठ स्त्री व पुरुष किसी के भी द्वारा किया जा सकता है। यह मंत्र माँ भैरवी को अत्यधिक प्रिय है। जो भी मनुष्य अपने आप … Read more

श्री कृष्णाष्टकम् (Shri Krishnashtakam)

Shri Krishnashtakam

श्री कृष्णाष्टकम् (Shri Krishnashtakam) भगवान श्री कृष्ण को समर्पित मंत्र है जिसकी रचना आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा किया गया है। माना जाता है कि भक्ति और शुद्ध हृदय के साथ श्री कृष्णाष्टकम् (Shri Krishnashtakam) मंत्र का जाप करने से शांति, आध्यात्मिक विकास और भगवान कृष्ण के साथ जुड़ाव की भावना आती है। यह परमात्मा के साथ … Read more