रघुवर हमारे -भजन (Raghuvar humaare) JUBIN NAUTIYAL

रघुवर हमारे -भजन (Raghuvar humaare) भगवान श्री राम और पावनभूमि अयोध्या नगरी की महिमा का वर्णन करता है। भजन के गायक है प्रसिद्ध गीतकार श्री जुबिन नौटियाल जी। भजन में सरयू नदी के किनारे बसा अद्भुत नगर अयोध्या (भगवान श्री राम की जन्मभूमि) की सुंदरता और भगवान श्री राम की उपस्थिति का दिव्य वर्णन मिलता है। यह भजन एक भक्त की भगवान राम के प्रति अनन्य भक्ति और प्रेम का भाव व्यक्त करता है।

यह भजन अत्यंत मीठा और प्यारा है, जिससे सुनने, पाठ करने और यूट्यूब में देखने पर मन आनंद विभोर हो जाता है और भगवान श्री राम के प्रति आस्था और गहरी जो जाती है। तो आप भी इस लोकप्रिय भजन का पाठ कर इस लोकप्रिय भजन का आनंद ले और भगवान श्री राम का जय जयकार करे।

रघुवर हमारे -भजन (Raghuvar humaare -Bhajan) जानकारी

भजन के बोलनगरी वो सरजू किनारे
जहाँ रहते हैं रघुवर हमारे ॥
गीतकारश्री जुबिन नौटियाल जी
लिरिक्सश्री मनोज मुन्तशिर जी
म्यूजिकश्री आदित्य देव जी
लेबलटी सीरीज

रघुवर हमारे -भजन (Raghuvar humaare -Bhajan) हिंदी में

राम लला हैं रामलला हम
तन है और तुम प्राण समझ लो
द्वार तुम्हारा ना छोड़ेंगे
हमको भी हनुमान समझ लो

नगरी वो सरजू किनारे
जहाँ रहते हैं रघुवर हमारे
नगरी वो सरजू किनारे
जहाँ रहते हैं रघुवर हमारे
कह दो ये जाके
कोई चंद्रमा से
आरती प्रभु कि उतारे
नगरी वो सरजू किनारे
जहाँ रहते हैं रघुवर हमारे

कोई सावन कि घटा
ऐसे बरसेगी कहाँ
ऐसे वक्तों के नयन
बेहाने बरसे
गली गली बिना तेरे
मारे मारे से फिरे
जैसे अनाथ कोई
ममता को तरसे
चौदह बरस का वनवास देखा
तब जाके चमकी माथे कि रेखा
नैना ख़ुशी से हैं भीगे भीगे
दशरथ के ललना पधारे
नगरी वो सरजू किनारे
जहाँ रहते हैं रघुवर हमारे
नगरी वो सरजू किनारे
जहाँ रहते हैं रघुवर हमारे

तूने बिन मांगे हमें
दे दिया रामरत्न
जो किसी मोल पे
वो बिकता नहीं है
सांवली तेरी छवि
जब से देखि है हरि
हमें अब और कोई दिखता नहीं है
धुल अवध कि माथे लगाके
हम हो चुके है रामलला के
आवाज ना दे अब कोई हमको
ना कोई हमको पुकारे
नगरी वो सरजू किनारे
जहाँ रहते हैं रघुवर हमारे
नगरी वो सरजू किनारे
जहाँ रहते हैं रघुवर हमारे

सीताराम सीताराम
सीताराम गाओ
दुःख सारे बीत गये
मंगल मनाओ

सीताराम सीताराम
सीताराम गाओ
दुःख सारे बीत गये
मंगल मनाओ
दशरथ के ललना का
अंगना सजाओ
सीताराम सीताराम
सीताराम गाओ
दीपावली जो नहीं आज तो क्या
सारे अवध में दीपक जलाओ
सीताराम सीताराम
सीताराम गाओ
बन के भरत पादुकाये उठाओ
हमने प्रतीक्षा में बरसों गुजारे
चलना न रखदे अयोध्या के द्वारे
नगरी वो सरजू किनारे
जहाँ रहते हैं रघुवर हमारे
नगरी वो सरजू किनारे
जहाँ रहते हैं रघुवर हमारे

नगरी वो सरजू किनारे
जहाँ रहते हैं रघुवर हमारे
कह दो ये जाके
कोई चंद्रमा से
आरती प्रभु कि उतारे
नगरी वो सरजू किनारे
जहाँ रहते हैं रघुवर हमारे

ये भावना के बंधन है,
आस्था के नाते हैं,
जब भक्त भगवान तक नहीं आ पाते,
तब भगवान भक्त तक आ जाते हैं ।

रघुवर हमारे -भजन (Raghuvar humaare -Bhajan) अंग्रेजी में

Ram lala hai, Ram lala
Hum tan hai aur tum praan samajh lo
Dwar tumhara na chhodenge
Humko bhi Hanuman samajh lo

Nagri wo Sarju kinare, jahan rehte hain Raghuvar humaare
Nagri wo Sarju kinare, jahan rehte hain Raghuvar humaare
Keh do yeh jaa ke koi Chandrama se, aarti prabhu ki utaare
Nagri wo Sarju kinare, jahan rehte hain Raghuvar humaare

Koi saawan ki ghata aise barsegi kahan
Jaise bhakton ke nain birhaa mein barse
Gali-gali bina tere maare-maare se phire
Jaise anaath koi mamta ko tarse

14 baras ka vanvaas dekha, tab jaake chamki maathe ki rekha
Naina khushi se hain bheege-bheege, Dashrath ke lalna padhare

Nagri wo Sarju kinare, jahan rehte hain Raghuvar humaare
Nagri wo Sarju kinare, jahan rehte hain Raghuvar humaare

Tune bin maange humein, de diya Ram-ratan
Jo kisi mol, prabhu, bikta nahi hai
Saanwli teri chhavi, jab se dekhi hai, Hari
Humein ab aur koi dikhta nahi hai

Dhooli Awadh ki maathe laga ke, hum ho chuke hain Ram lala ke
Aawaz na dein ab koi humko, na koi humko pukaare

Nagri wo Sarju kinare, jahan rehte hain Raghuvar humaare
Nagri wo Sarju kinare, jahan rehte hain Raghuvar humaare

Sita-Ram, Sita-Ram, Sita-Ram gaao
Dukh saare beet gaye, mangal manaao
Sita-Ram, Sita-Ram, Sita-Ram gaao
Dukh saare beet gaye, mangal manaao
Dashrath ke lalna ka angna sajaao
Sita-Ram, Sita-Ram, Sita-Ram gaao

Deepawali jo nahi aaj to kya
Saare Awadh mein deepak jalaao
Sita-Ram, Sita-Ram, Sita-Ram gaao
Banke Bharat, padukaien uthao

Humne pratiksha mein barso guzaare
Chal, nain rakh de Ayodhya ke dwaare

Nagri wo Sarju kinare, jahan rehte hain Raghuvar humaare
Nagri wo Sarju kinare, jahan rehte hain Raghuvar humaare
Keh do yeh jaa ke koi Chandrama se, aarti prabhu ki utaare
Nagri wo Sarju kinare, jahan rehte hain Raghuvar humaare

रघुवर हमारे -भजन (Raghuvar humaare -Bhajan) पीडीएफ


यह भक्ति भजन गीत भी पढ़े


रघुवर हमारे -भजन (Raghuvar humaare -Bhajan) वीडियो

सभी देवी देवताओं के भक्ति गीत, भजन, मन्त्र और स्त्रोत के Lyrics Hindi + Lyrics English + Video + PDF के लिए poojaaarti.com पर visit करे।

आज का हमारा लेख पढ़ने के लिए हम आपकी सराहना करते हैं। कृपया अपने अनुभव हमसे साझा करने के लिए हमारे facebook group पर जुड़े और हमारे facebook page को like करे। अगर आप इस लेख में कुछ सुधार चाहते है, तो कृपया comment के माध्यम से हमसे संपर्क कर सकते है।

disclaimer

इस पोस्ट में लिखी गयी सारी जानकारियां धार्मिक और सामाजिक मान्यताओं पर आधारित है, कृपया इसे विशेषग्य की सलाह न समझे एवं poojaaarti.com किसी भी जानकारी की पुष्टि नहीं करता है और किसी भी आरती, भजन या कथा को करवाने की विधियों के लिए अपने नजदीकी विशेषग्य की राय ले।

Leave a Comment