जगन्नाथ मंगल आरती (Jagannath Mangal Aarti)

जगन्नाथ मंगल आरती (Jagannath Mangal Aarti) भगवान श्री जगन्नाथ की महिमा, करुणा और दिव्य स्वरूप का अत्यंत भावपूर्ण गुणगान है। इस आरती में भक्त प्रभु को समस्त संसार के मंगलकारी और संकटों को दूर करने वाले भगवान के रूप में स्मरण करते हैं। आरती के शब्दों में धूप, दीप, कपूर और ज्योति के माध्यम से श्रद्धा एवं समर्पण का सुंदर चित्रण किया गया है, जो यह संदेश देता है कि सच्ची भक्ति केवल बाहरी पूजा से नहीं, बल्कि निर्मल हृदय और अटूट विश्वास से पूर्ण होती है।

आरती में मंदिरों और घर-घर में गूंजती बांसुरी, मृदंग, झांझ और खंजरी की मधुर ध्वनि का उल्लेख भक्तिमय वातावरण को जीवंत बना देता है। भगवान जगन्नाथ के मुखारविंद के दर्शन, चरणों की वंदना और उन्हें अर्पित होने वाले भोग का वर्णन भक्तों के प्रेम और श्रद्धा की गहराई को प्रकट करता है। साथ ही, वेदों की पावन ध्वनि, ऋषि-मुनियों की स्तुति तथा देवताओं की उपस्थिति इस आरती की आध्यात्मिक गरिमा को और भी बढ़ा देती है।

यह आरती विशेष रूप से भगवान जगन्नाथ की पूजा, रथ यात्रा, मंदिर उत्सवों तथा दैनिक आरती के समय श्रद्धापूर्वक गाई जाती है। इसके प्रत्येक पद में भक्तों के कल्याण, सुख, शांति और आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना निहित है। जो भी भक्त सच्चे मन से इस आरती का गायन या श्रवण करता है, उसके भीतर प्रभु के प्रति प्रेम, विश्वास और भक्ति का भाव और अधिक दृढ़ होता है। यही कारण है कि “आरती श्री जगन्नाथ” आज भी लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था, समर्पण और ईश्वर से जुड़ने का एक सुंदर माध्यम बनी हुई है।

जगन्नाथ मंगल आरती (Jagannath Mangal Aarti) जानकारी

आरती के बोलआरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,
आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी ॥
गीतकारदिव्योंतमा जी
म्यूजिकराज महाजन जी
लिरिक्सट्रेडिशनल
लेबलमोक्क्ष म्यूजिक भक्ति

जगन्नाथ मंगल आरती (Jagannath Mangal Aarti) हिंदी में

आरती श्री जगन्नाथ
आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,
आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी,

मंगलकारी नाथ आपादा हरि,
कंचन को धुप दीप ज्योत जगमगी,
अगर कपूर बाटी भव से धारी,
आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,
आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी,
घर घरन बजता बाजे बंसुरी,
घर घरन बजता बाजे बंसुरी,
झांझ या मृदंग बाजे, ताल खनजरी,
आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,
आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी,
निरखत मुखारविंद परसोत चरनारविन्द आपादा हरि,
जगन्नाथ स्वामी के अताको चढे वेद की धुवानी,
जगन्नाथ स्वामी के भोग लागो बैकुंठपुरी,
आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,
आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी,

इंद्र दमन सिंह गजे रोहिणी खड़ी,
इंद्र दमन सिंह गजे रोहिणी खड़ी,
मार्कंडेय स्व गंगा आनंद भरि,
आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,
आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी,
सरनार मुनि द्वारे तदे ब्रह्म वेद भानी,
सरनार मुनि द्वारे तदे ब्रह्म वेद भानी,
धन धन ओह सुर स्वामी आनंद गढ़ी,
आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,
आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी,
आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,
आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी,
मंगलकारी नाथ आपादा हरि,

कंचन को धुप दीप ज्योत जगमगी,
अगर कपूर बाटी भव से धारी,
आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,
आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी

जगन्नाथ मंगल आरती (Jagannath Mangal Aarti) अंग्रेजी में

Aarti Shri Jagannath
Aarti Shri Jagannath Mangal Kari,
Aarti Shri Baikunth Mangalkari,

Mangalkari Nath Aapada Hari,
Kanchan Ko Dhup Deep Jyot Jagmagi,
Agar Kapur Bati Bhav Se Dhari,
Aarti Shri Jagannath Mangal Kari,
Aarti Shri Baikunth Mangalkari,
Gharan Gharan Ghanta Baje Baje Bansuri,
Gharan Gharan Ghanta Baje Baje Bansuri,
Jhanjh or Mridang Baje, Taal Khanjari,
Aarti Shri Jagannath Mangal Kari,
Aarti Shri Baikunth Mangalkari,
Nirkhat Mukharvind Parsat Charnarvind Aapada Hari,
Jagannath Swami Ke Atako Chadhe Ved Ki Dhwani,
Jagannath Swami Ke Bhog Lago Baikunthpuri,
Aarti Shri Jagannath Mangal Kari,
Aarti Shri Baikunth Mangalkari,

Indra Daman Singh Gaje Rohini Khadi,
Indra Daman Singh Gaje Rohini Khadi,
Markandey Swet Ganga Anand Bhari,
Aarti Shri Jagannath Mangal Kari,
Aarti Shri Baikunth Mangalkari,
Surnar Muni Dware Tadhe Brahma Ved Bhani,
Surnar Muni Dware Tadhe Brahma Ved Bhani,
Dhan Dhan Oh Sur Swami Anand Ghadi,
Aarti Shri Jagannath Mangal Kari,
Aarti Shri Baikunth Mangalkari,
Aarti Shri Jagannath Mangal Kari,
Aarti Shri Baikunth Mangalkari,
Mangalkari Nath Aapada Hari,

Kanchan Ko Dhup Deep Jyot Jagmagi,
Agar Kapur Bati Bhav Se Dhari,
Aarti Shri Jagannath Mangal Kari,
Aarti Shri Baikunth Mangalkari

जगन्नाथ मंगल आरती (Jagannath Mangal Aarti) पीडीएफ


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जगन्नाथ मंगल आरती (Jagannath Mangal Aarti) FAQ

जगन्नाथ मंगल आरती का मुख्य सन्देश क्या है ?

जगन्नाथ मंगल आरती का मुख्य सन्देश देता है कि सच्ची भक्ति केवल बाहरी पूजा से नहीं, बल्कि निर्मल हृदय और अटूट विश्वास से पूर्ण होती है।

जगन्नाथ मंगल आरती के पाठ से क्या लाभ है ?

जगन्नाथ मंगल आरती को जो भी भक्त सच्चे मन से इस आरती का गायन या श्रवण करता है, उसके भीतर प्रभु के प्रति प्रेम, विश्वास और भक्ति का भाव और अधिक दृढ़ होता है। यही कारण है कि “आरती श्री जगन्नाथ” आज भी लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था, समर्पण और ईश्वर से जुड़ने का एक सुंदर माध्यम बनी हुई है।

जगन्नाथ मंगल आरती को कौन से वर्ग पाठ कर सकते है ?

जगन्नाथ मंगल आरती को सभी वर्ग के बच्चे, बूढ़े और जवान सभी महिला व पुरुष पाठ कर सकते है।

जगन्नाथ मंगल आरती (Jagannath Mangal Aarti) वीडियो

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