मेरी वृन्दावन ससुराल (Meri Vrindavan Sasural) भजन भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अटूट प्रेम, समर्पण और वैराग्य की भावनाओं को अत्यंत सुंदर ढंग से व्यक्त करता है। भजन में एक भक्त अपने सांसारिक जीवन की कठिनाइयों और दुखों का वर्णन करते हुए कहता है कि उसे संसार में केवल कष्ट और अशांति मिली है, जबकि उसका वास्तविक घर और सुख केवल वृन्दावन में है, जहाँ उसके प्रिय सांवरे श्रीकृष्ण विराजमान हैं। भजन के शब्द भक्त के हृदय में बसे उस दिव्य प्रेम को प्रकट करते हैं, जो उसे हर सांसारिक बंधन से ऊपर उठाकर प्रभु की शरण में ले जाता है।
भजन यह संदेश देता है कि धन, वैभव, प्रतिष्ठा और भौतिक सुख जीवन में स्थायी आनंद नहीं दे सकते। जब मन भगवान के नाम और उनकी भक्ति में रम जाता है, तब संसार के सभी आकर्षण फीके लगने लगते हैं। श्रीकृष्ण का मधुर नाम भक्त के जीवन को ऐसी शांति और संतोष से भर देता है, जिसकी तुलना किसी भी सांसारिक सुख से नहीं की जा सकती। यही कारण है कि भक्त अपने मन को केवल प्रभु के चरणों में लगाना चाहता है।
इस भजन में वृन्दावन को प्रेम, भक्ति और आध्यात्मिक आनंद का प्रतीक बताया गया है। यह रचना श्रोताओं को भगवान के प्रति प्रेम बढ़ाने, अहंकार और मोह का त्याग करने तथा सच्ची भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। भजन सुनते समय मन में श्रद्धा, शांति और कृष्ण प्रेम की मधुर अनुभूति जागृत होती है।
विषय सूची
मेरी वृन्दावन ससुराल – भजन (Meri Vrindavan Sasural – Bhajan) जानकारी
| भजन के बोल | मेरी वृन्दावन ससुराल संभाल राणा तेरी नगरी तेरी नारी रे राणा तेरी नगरी ॥ |
| गीतकार | केमिता राठौर जी |
| म्यूजिक | सोनू जांगिड़ जी |
| लिरिक्स | ट्रेडिशनल |
| लेबल | युकी |
मेरी वृन्दावन ससुराल – भजन (Meri Vrindavan Sasural – Bhajan) हिंदी में
राणा थारी नगरी में पायो घणो कलेश
म्हारो पीव तो सांवरो वृन्दावन म्हारो देशधार्मिक यात्रा
मेरी वृन्दावन ससुराल संभाल राणा तेरी नगरी
तेरी नारी रे राणा तेरी नगरी ………
मेरी वृन्दावन ससुराल संभाल राणा तेरी नगरी
सुख वैभव तेरो तुझको मुबारक
मेरे लिए तो राणा ये हानिकारक
मोहे डसे तेरो घर द्वार, संभाल राणा तेरी नगरी
मेरी वृन्दावन ससुराल संभाल राणा तेरी नगरी
कृष्ण नाम अति मीठो लागे
दुनिया को रंग फीको लागे
मोहे ना भावे ससार संभाल राणा तेरी नगरी
मेरी वृन्दावन ससुराल संभाल राणा तेरी नगरी
गढ़ चित्तौढ़ मैं तो छोड़ के जाउंगी
कुछ गलिन में मैं श्याम श्याम गाउंगी
वहां भगतो की भरमार संभाल राणा तेरी नगरी
मेरी वृन्दावन ससुराल संभाल राणा तेरी नगरी
मेरी वृन्दावन ससुराल – भजन (Meri Vrindavan Sasural – Bhajan) अंग्रेजी में
Rana Thaari Nagri Mein Paayo Ghano Kalesh
Mharo Piv To Sanwro Vrindavan Mharo Desh
Meri Vrindavan Sasural Sambhaal Rana Teri Nagri
Teri Nagari Re Rana Teri Nagri …………..
Meri Vrindavan Sasural Sambhaal Rana Teri Nagri
Such Vaibhav Tera Tujhko Mubarak
Mere Liye To Rana Ye Hanikaarak
Mohe Dase Tero Ghar Dwar, Sambhaal Rana Teri Nagri
Meri Vrindavan Sasural Sambhaal Rana Teri Nagri
Krishna Naam Ati Meetho Laage
Duniya Ko Rang Pheeko Laage
Mohe Na Bhaave Sansar Sambhaal Rana Teri Nagri
Meri Vrindavan Sasural Sambhaal Rana Teri Nagri
Garh Chitter Main To Chhod Ke Jaungi
Kunj Galin Mein Main Shyam Shyam Gaaungi
Wahan Bhagton Ki Bharmaar, Sambhaal Rana Teri Nagri
Meri Vrindavan Sasural Sambhaal Rana Teri Nagri
मेरी वृन्दावन ससुराल – भजन (Meri Vrindavan Sasural – Bhajan) पीडीएफ
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